किसी ने ख्वाब भी बनाया
पलकों में भी बसाया
किसी के दिल की धड़कन भी बनी
ज़िन्दगी की आरजू भी बनी
उसे भी अपने दिल की धड़कन बनाया
उसके ख्वाबों को भी
अपनी आंखों में सजाया
उसकी हर चाहत को अपना बनाया
बस उसकी इक हसरत को
जो न अपनाया
उस इक कसूर की
सज़ा ये मिली
उसने भी
पलकों से गिरा दिया
धडकनों को भी
क़ैद कर दिया
बे-मुरव्वत मोहब्बत का
पाक गला भी घोंट दिया
इश्क के न जाने
कौन से मुकाम पर ले जाकर
शाख से टूटे पत्ते की मानिन्द
दर -दर भटकता छोड़ दिया
आह ! मोहब्बत ये तूने क्या किया
पलकों में भी बसाया
किसी के दिल की धड़कन भी बनी
ज़िन्दगी की आरजू भी बनी
उसे भी अपने दिल की धड़कन बनाया
उसके ख्वाबों को भी
अपनी आंखों में सजाया
उसकी हर चाहत को अपना बनाया
बस उसकी इक हसरत को
जो न अपनाया
उस इक कसूर की
सज़ा ये मिली
उसने भी
पलकों से गिरा दिया
धडकनों को भी
क़ैद कर दिया
बे-मुरव्वत मोहब्बत का
पाक गला भी घोंट दिया
इश्क के न जाने
कौन से मुकाम पर ले जाकर
शाख से टूटे पत्ते की मानिन्द
दर -दर भटकता छोड़ दिया
आह ! मोहब्बत ये तूने क्या किया