झूठ की दुनिया जीते हम लोग
होता है जब साबका यथार्थ से
सारे पर्दे हट जाते हैं
सारी धुंध छंट जाती है
हर नकाब उतर जाता है
अपनेपन और परायेपन का
दोस्तियों का
दुश्मनी का
एक खामोशी में खो गयी जब
न पूछा हाल किसी ने
न आयी याद किसी को
न की बात किसी ने
बस तिलिस्म टूट गया
यही है जीवन दर्शन
आप हो जाते हो विदा खामोशी से
चुपचाप, बिना कुछ कहे
कोई याद नहीं रखता
न रखेगा
संसार चलता रहेगा
मान लो
स्वीकार लो
यही है सत्य जीवन का
हर पल आखिरी होता है
कोई किसी का न होता है
संसार आपसे पहले भी था
आपके बाद भी रहेगा
बेमुरव्वती ही है इसका हासिल
जीयो तो ऐसे
कि कोई ख्वाहिश न हो
किसी की चाह न हो
किसी से चाह न हो
मित्र रिश्ते संबंध
खोटे सिक्कों से भरी वो थैली होते हैं
जरूरत के वक्त जो चला नहीं करते