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गुरुवार, 23 दिसंबर 2010

कोई तो है

कोई तो है
जो रूह बना
लहू बन
रगो मे बहा
फिर कैसे कहूं
कोई नही है


कोई तो है
जो अहसास
जगा गया
अरमानो को
दीप दिखा गया
 
फिर कैसे कह दूं
कोई नही है

कोई तो है
जो सच कह गया
मगर दिल भी
जला गया
कुछ अपना
दुखा गया
कुछ मेरा
फिर कैसे कह दूं
कोई नही है
कोई तो है
कहीं तो है
मगर अब
ख़्वाब
आकार नहीं लेते
हसरतें जवाँ नहीं होतीं
एक टीस सी उठती है
शायद दर्द बन कर
पल रही है
फिर कैसे कहूं
कोई नहीं है

कोई तो है
जरूर है ............कोई ना कोई
शायद तुझमे मैं और मुझमे तू
कहीं तो हैं...........है ना

37 टिप्‍पणियां:

anupama's sukrity ! ने कहा…

बहुत सुंदर.एहसास .-
कोई निश्चित ज़रूर है -

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

behtreen rachna

केवल राम ने कहा…

कोई तो है
जरूर है ............कोई ना कोई
शायद तुझमे मैं और मुझमे तू
कहीं तो हैं...........है ना
xxxxxxxxxxxxxx
बहुत गहरे भाव हैं ...शुक्रिया

Suman Sinha ने कहा…

कोई तो है
जरूर है ............कोई ना कोई
शायद तुझमे मैं और मुझमे तू
कहीं तो हैं...........है ना
wah na ho to is dwand se nikalne ke marg awruddh ho jayen , wah hai , ek vishwaas .... prashn kaisa !

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत खूब कोई होता है दिल मे तभी इतने एहसास उठते हैं। बधाई सुन्दर रचना के लिये।

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

आपकी हर कविता कुछ अलग रंग, भाव में दिखती है और मन को वीराने में छोड़ देती है.. सुन्दर प्रेम कविता..

dev ने कहा…

सूरज को चिराग दिखाना जैसे कुछ है.....कोई तो है.....जरुर कोई तो है....जो दिल में मुहब्बत बन कर बसता जा रहा है...कोई तो है....कहीं वो.....

बहुत कुछ कह रही है आप कि कविता.......बहुत कुछ...और क्या लिखूं.....



फूलो रे नीम फूलो....आप कि प्रतीक्षा में है......

PN Subramanian ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना.

'उदय' ने कहा…

... bahut sundar ... bahut khoob ... behatreen ... laajawaab ... !!!

anjana ने कहा…

nice rachna

मंजुला ने कहा…

वाकई ..सुन्दर अभिव्यक्ति .....सुभकामनाये

रश्मि प्रभा... ने कहा…

dard kahta hai koi hai,
ehsaason me koi to hai...

Kunwar Kusumesh ने कहा…

वंदना जी,
आप के लेखन में निरंतरता बनी हुई हैं,आप अच्छा लिख रही हैं,मेहनत से लिख रही हैं.अतः साधुवाद आपको.

ZEAL ने कहा…

सुन्दर अभिव्यक्ति
बधाई

sada ने कहा…

बहुत खूब ...सच कहा आपने ...बेहतरीन रचना ।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना ! प्यार ऐसा ही होता है ... एक दुसरे में जीना !

मनोज कुमार ने कहा…

इस कविता पर बहुत मुछ कहने का मन कर रहा है, पर कहीं कोई है जो रोक रहा है।

क्रिएटिव मंच-Creative Manch ने कहा…

बहुत सुन्दर !

रंजना ने कहा…

भावपूर्ण भावाभिव्यक्ति....वाह !!!

ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…

"कोई तो है
जो रूह बना
लहू बन
रगों में बहा
फिर कैसे कहूँ
कोई नहीं है !"
वंदना जी,
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ! मन में उतर गई !
-ज्ञानचंद मर्मज्ञ

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

हाँ कोई तो है ...

खूबसूरत एहसासों को लिखा है ..

Suman ने कहा…

nice

Ankur jain ने कहा…

sach har kisi ke dil me kahi na kahi koi na koi to hai hi....sundar prastuti!!!

Anil Kumar ने कहा…

vandana ji... its great really... I like it... it is showing something like curiosity...

Anil kumar ने कहा…

vandana ji its really great.. i like it..
it is showing something like curiosity...

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बेहतरीन अभिव्यक्ति ..कोई तो हो वाकई ..बहुत सुन्दर

rashmi ravija ने कहा…

कोई होता है दिल मे तभी इतने एहसास उठते हैं... :)
बहुत खूब...सुन्दर रचना.

अनुपमा पाठक ने कहा…

सुन्दर एहसास!!!

राज भाटिय़ा ने कहा…

अति सुंदर एहसास जी. धन्यवाद

Rahul Singh ने कहा…

मानों साफ छुपते भी नहीं सामने आते भी नहीं.

POOJA... ने कहा…

wow... beautiful...
वाकई कोई तो है..
शायद मुझमें ही है इसीलिए मैं भी उसे खोज नहीं पा रही थी...
पता बताने का शुक्रिया... :)

इमरान अंसारी ने कहा…

वंदना जी,

बहुत सुन्दर भाव भर दिए है आपने इस पोस्ट में...

nivedita ने कहा…

वाकयी कोई है दिल में तभी तो जीवन है ..
सुन्दर रचना , बधाई ..

Sadhana Vaid ने कहा…

बहुत सुन्दर !

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

कोई तो है ....जो इतने सुंदर भावों से ओत प्रोत है, बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति........धन्यवाद।

Swarajya karun ने कहा…

निश्चित रूप से कोई तो है. सुंदर अभिव्यक्ति.

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

बेहतरीन रचना। बधाई। नव वर्ष 2011 की अनेक शुभकामनाएं !