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शनिवार, 25 दिसंबर 2010

अंकुर जरूर फ़ूटेंगे एक दिन

मै तो
कल भी
वही थी
और आज भी
तुम ही
ना जाने
किस मोड
पर मुड गये
अब खाली
मोड ही
रोज चिढाता है
मगर
आस का
दीप अभी
बुझा नही है
शायद
किसी
गोधुलि वेला मे
तुम आओगे
जीवन को
मुकाम देने
और अपने
नेह को
आयाम देने

देखो
सूखने मत देना
इस आस के
वृक्ष को
तुम्हारे इंतज़ार के
पवित्र जल से
सींच देना
अंकुर जरूर फ़ूटेंगे
एक दिन
 ----------------
-------------

31 टिप्‍पणियां:

राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ ने कहा…

सुन्दर शब्दों की बेहतरीन शैली ।
भावाव्यक्ति का अनूठा अन्दाज ।
बेहतरीन एवं प्रशंसनीय प्रस्तुति ।
हिन्दी को ऐसे ही सृजन की उम्मीद ।
धन्यवाद....
satguru-satykikhoj.blogspot.com

राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ ने कहा…

सुन्दर शब्दों की बेहतरीन शैली ।
भावाव्यक्ति का अनूठा अन्दाज ।
बेहतरीन एवं प्रशंसनीय प्रस्तुति ।
हिन्दी को ऐसे ही सृजन की उम्मीद ।
धन्यवाद....
satguru-satykikhoj.blogspot.com

'उदय' ने कहा…

... bahut sundar ... prasanshaneey !!!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आस बनी रहे,
प्यास बनी रहे,
जब तक मिल न जायें वो,
साँस बनी रहे।

रश्मि प्रभा... ने कहा…

किसी
गोधुलि वेला मे
तुम आओगे
जीवन को
मुकाम देने
और अपने
नेह को
आयाम देने
pratiksha vyarth nahi hogi, wo subah aayegi

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

दर्द को आशा बना लेना.. गोधुली में सुबह को देखना.. आपकी यह कविता बता रही है.. एक और सुन्दर प्रेम कविता.

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

उम्मीद पर दुनिया कायम है ....खूबसूरत अभिव्यक्ति

"अभियान भारतीय" ने कहा…

आस बनी रहे,
प्यास बनी रहे,
जब तक मिल न जायें वो,
साँस बनी रहे।
वाह क्या बात है...!!
बेहतरीन...!!

संगीता पुरी ने कहा…

भावों की सुदर अभिव्‍यक्ति .. बहुत अच्‍छी रचना !!

यशवन्त माथुर ने कहा…

बेहतरीन!

क्रिसमस की शुभ कामनाएं

सादर

संजय भास्कर ने कहा…

उम्मीद पर दुनिया कायम है
सुन्दर एवं भावप्रवण अभिव्यक्ति

mridula pradhan ने कहा…

bahot saral aur sunder.

ZEAL ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना वंदना जी।

Dr. Chandra Kumar Jain ने कहा…

निश्छल आस की,
पावन विश्वास की
सुन्दर रचना.
भावों को वहन करते
सार्थक शब्दों का चयन.
=====================
डॉ.चन्द्रकुमार जैन

Kailash C Sharma ने कहा…

देखो
सूखने मत देना
इस आस के
वृक्ष को
तुम्हारे इंतज़ार के
पवित्र जल से
सींच देना
अंकुर जरूर फ़ूटेंगे
एक दिन --------

यही विश्वास जीने का सहारा है..बहुत भावपूर्ण प्रस्तुति

ashish ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति , उम्मीद से दामन बांधे रहे तो शुकून मिलता है.

Kunwar Kusumesh ने कहा…

मोड़ का चिढ़ाना.
आस का वृक्ष.
इंतजार का पवित्र जल.
आजकल कहाँ कहाँ से ये सारे प्रतीक और बिम्ब आप ला रहीं हैं ,वंदना जी.
आप तो कमाल का लिखने लगी हैं.
तारीफ में क्या कहूँ ?
साहित्याकाश की तरफ ये छलांग कैसे लगाई आपने ?
बेहतरीन और सिर्फ बेहतरीन.

smshindi ने कहा…

"समस हिंदी" ब्लॉग की तरफ से सभी मित्रो और पाठको को
"मेर्री क्रिसमस" की बहुत बहुत शुभकामनाये !

()”"”() ,*
( ‘o’ ) ,***
=(,,)=(”‘)<-***
(”"),,,(”") “**

Roses 4 u…
MERRY CHRISTMAS to U…

मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत है

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर रचना जी, धन्यवाद

Swarajya karun ने कहा…

मानवीय भावनाओं की सहज लेकिन सुंदर अभिव्यक्ति.

nilesh mathur ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना!

Babli ने कहा…

आपको एवं आपके परिवार को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें !

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

प्रतिक्षा के पल, बेहतरीन पल...

dev ने कहा…

वंदना......जब बीज बो दिया गया है...तो अंकुर जरुर फूटेंगे....आप...कविता कहतीं हैं...या अपनी बात....मैं असमंजस मैं हूँ....आप आम बात कहतीं है.....या किसी ख़ास....को..संबोधित करतीं हैं.....प्रेम भी एक सितार है....जहाँ एक तार झंकृत होता ...दूसरा अपने आप झंकृत होता......इंतज़ार रहता है ....


२०११.....हर्ष नव, वर्ष नव.......जीवन उत्कर्ष नव.

अगर आप मुझे देव साहब कि बजाय...सिर्फ देव ही कहें....तो अच्छा लगेगा....कविता कि अंतिम पंक्ति "एक दिन....." उम्मीद बंधाती है.....और क्या लिंखुं......क्या - क्या लिखवा दिया आपने....अब कुछ समझने को बाकी कहाँ रहा....

Dorothy ने कहा…

क्रिसमस की शांति उल्लास और मेलप्रेम के
आशीषमय उजास से
आलोकित हो जीवन की हर दिशा
क्रिसमस के आनंद से सुवासित हो
जीवन का हर पथ.

आपको सपरिवार क्रिसमस की ढेरों शुभ कामनाएं

सादर
डोरोथी

Dorothy ने कहा…

क्रिसमस की शांति उल्लास और मेलप्रेम के
आशीषमय उजास से
आलोकित हो जीवन की हर दिशा
क्रिसमस के आनंद से सुवासित हो
जीवन का हर पथ.

आपको सपरिवार क्रिसमस की ढेरों शुभ कामनाएं

सादर
डोरोथी

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ने कहा…

आशा का सन्देश देती हुई सुन्दर रचना के लिए बहुत-बहुत बधाई!

वाणी गीत ने कहा…

किसी गोधूली वेला में सपना सकार होगा ...
उम्मीद के अंकुर बीज बन कर फूटेंगे ...
यही सकारात्मक सोच जीवन को गति देती है !

इस्मत ज़ैदी ने कहा…

मगर
आस का
दीप अभी
बुझा नही है
शायद
किसी
गोधुलि वेला मे
तुम आओगे
जीवन को
मुकाम देने
और अपने
नेह को
आयाम देने
देखो
सूखने मत देना
इस आस के
वृक्ष को
तुम्हारे इंतज़ार के
पवित्र जल से
सींच देना
अंकुर जरूर फ़ूटेंगे
एक दिन ----------------

बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति !

smshindi ने कहा…

NAYA SAAL 2011 CARD 4 U
_________
@(________(@
@(________(@
please open it

@=======@
/”**I**”/
/ “MISS” /
/ “*U.*” /
@======@
“LOVE”
“*IS*”
”LIFE”
@======@
/ “LIFE” /
/ “*IS*” /
/ “ROSE” /
@======@
“ROSE”
“**IS**”
“beautifl”
@=======@
/”beautifl”/
/ “**IS**”/
/ “*YOU*” /
@======@

Yad Rakhna mai ne sub se Pehle ap ko Naya Saal Card k sath Wish ki ha….
मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत है !

M VERMA ने कहा…

सुन्दर भाव की अतिसुन्दर रचना
यकीनन अंकुर जरूर फूटेंगे एक दिन