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रविवार, 31 मार्च 2013

क्या सुनी तुमने भी ?

लिखा उसने अपने पंखों पर अनहद नाद
और उड चली फ़डफ़डाते पंखों को
गिरने से पहले
कटने से पहले 
मिटने से पहले
कर दिया उसने अपना जीवन सम्पूर्ण 
देकर इक संदेश 
"प्रेम बिना जीना नाहीं "
और कटते रहे उसके पंख
बिखरता रहा संगीत 
हवाओं में , फ़िज़ाओं में
धरती में , आकाश में
बस गूँज रही है तभी से ये धुन अनहद नाद सी दशों दिशाओं में………क्या सुनी तुमने भी ?

22 टिप्‍पणियां:

दिगम्बर नासवा ने कहा…

उन्मुक्त प्रेम के गीत उसकी दास्तां गूँज रही है गगन में ... इस उपवन में ... प्रेम ही तो जीवन है ...

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

सुंदर बहुत ही सुंदर, जीवन का यही चरमोत्कर्ष है, शुभकामनाएं.

रामराम.

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

अनहद नाद महसूस करने की बात है। कोई सुन नहीं पाता, कोई सुना नहीं पाता।

शालिनी कौशिक ने कहा…

बहुत सुन्दर भावनात्मक प्रस्तुति जया प्रदा भारतीय राजनीति में वीरांगना .महिला ब्लोगर्स के लिए एक नयी सौगात आज ही जुड़ें WOMAN ABOUT MAN

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

जीना कैसा प्रेम बिन

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

bahut hi gahan abhiwayakti....vandna jee...

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

सुंदर भावों की अभिव्यक्ति

RECENT POST: होली की हुडदंग ( भाग -२ )

***Punam*** ने कहा…

सुन्दर....

Aditi Poonam ने कहा…

सुंदर प्रेमाभिव्यक्ति वन्दना जी .....


साभार...

रचना दीक्षित ने कहा…

काश प्यार का यही सन्देश सारी फिजाओं में सुनाई दे तो कितना अच्छा हो.

सुंदर कविता, सार्थक सन्देश .

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

मूर्खता दिवस की मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (01-04-2013) के चर्चा मंच-1181 पर भी होगी!
सूचनार्थ ...सादर..!

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

बहुत सुंदर ..... प्रेमपगे भाव

jyoti khare ने कहा…


सुंदर अनुभूति
उत्कृष्ट प्रस्तुति
बधाई

वाणी गीत ने कहा…

अनहद नाद प्रेम का , उसके लिये जो गंवाया !
बहुत बढ़िया !

मन के - मनके ने कहा…


’प्रेम बिना जीना नाही,
हां,मैंने भी सुना.

मन के - मनके ने कहा…


प्रेम बिना जीना नाहीं--

हां,मैंने भी सुना.

मन के - मनके ने कहा…



प्रेम बिना जीना नाही---
हां,मैंने भी सुना.

madhu singh ने कहा…

swakchand aakash me kulache bharta
hrran rupi man,

सदा ने कहा…

वाह ... बहुत ही बढिया।

Madhuresh ने कहा…

बेहतरीन अभिव्यक्ति, पढ़ते समय बहुत सारे similar sentiments आ रहे थे .. .
सादर शुभकामनाएं,
मधुरेश

shikha varshney ने कहा…

प्रेम बिन भी क्या जीवन .
सुन्दर

Pratibha Verma ने कहा…

बहुत सुन्दर...
पधारें "आँसुओं के मोती"