कल १ मार्च को रेखा श्रीवास्तव जी के संपादन में "ब्लॉगर्स के अधूरे सपनों की कसक" पुस्तक का मुखर्जी नगर में लोकार्पण हुआ। वहीं ब्लॉग और ब्लॉगिंग को लेकर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें अपने समय के सभी दिग्गज ब्लॉगर्स द्वारा चिंता व्यक्त करते हुए समाधान भी प्रस्तुत किया गया। एक सार्थक परिचर्चा की गयी। सबका फोकस पूरी तरह सब्जेक्ट पर रहा। वहीं रंजना यादव जी ने बहुत खूबसूरती से मंच संचालन किया जो रेडियो एंकर भी हैं। रेखा जी के पति, उनकी बेटियाँ तो थी हीं, उनके दामाद भी इस आयोजन में बहुत शिद्दत से शामिल थे। हमें भी अपनी बात रखने का मौका मिला। वहीं काफी ब्लॉगर्स उपस्थित थे तो उन्होंने भी इस आयोजन में अपनी बात कही। यूँ तो जीवन में सबके सब सपने पूरे नहीं होते लेकिन उनसे कोई नहीं पूछता तुम्हारा कौन सा सपना अधूरा रह गया। उस कार्य को अंजाम दिया रेखा श्रीवास्तव जी ने और दे दी सभी ब्लॉगर्स को एक जमीन। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि कानपुर से दिल्ली आकर उसका ब्लॉगर्स के मध्य विमोचन करवाना कोई आसान काम नहीं था लेकिन यही रेखा जी की खासियत है वो आसान काम करतीं भी नहीं। रेखा जी और पुस्तक में शामिल सभी लेखकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
https://www.facebook.com/rosered8flower/posts/10215327996664679
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