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शनिवार, 5 फ़रवरी 2011

ब्लॉगर मीट की कहानी सुनो



ब्लॉगर मीट की कहानी सुनो
एक बात मेरी जुबानी सुनो
जब से ब्लॉगिंग कर ली है
एक बात मैंने समझ ली है

आप पूछेंगे क्या ?
अजी और कुछ नहीं
सिर्फ इतना ही
ब्लॉगिंग जमे ना ब्लोगर्स बिना
मीट जमे ना अविनाश जी बिना

दिल्ली में जमावड़ा इकठ्ठा था

कौन कौन आने में शामिल था
इसका कच्चा चिटठा सुनाती हूँ
खुशदीप जी  ने महफ़िल सजाई थी
साथ में मैडम खुशदीप भी आई थीं
नए ब्लोगर राकेश जी
को साथ लाये थे
सर्जना ने प्रोग्राम बनाया था
गीताश्री ने झंडा उठाया था
समीर जी के सम्मान में
ब्लोगर मीट कराया था
इरफ़ान भाई भी आये थे
कार्टूनों का मसौदा साथ ले गए हैं
सतीश सक्सेना ,शाहनवाज़ सिद्दीकी
भी आये थे
रंग महफ़िल में जमा गए थे
एक आश्चर्य महान हुआ
जिसने सभी को लुभाया था
रविन्द्र प्रभात जी लखनऊ से आये थे
महफूज़ को भी साथ लाये थे
सबने मिलकर  रंग जमाया था
होली से पहले होली का रंग आया था
राजीव तनेजा भी आये थे
साथ में भार्या को भी लाये थे
प्रतिभा कुशवाहा  भी आई थीं
पाखी का रंग साथ लाई थीं
आखिर में अजय झा भी आये थे
वकालत  के हथकंडे आजमाए थे
सबने बड़ा धमाल किया
दिल का हर हाल बयां किया

ब्लोगर्स  के बीच फँसी दो नारी थीं
पतियों की ब्लॉगिंग की मारी थीं
पत्नी धर्म निभाती थीं
फिर भी सदा मुस्काती थीं
शिकवा ना लब पर लाती थीं
ब्लोगर मीट में भी शान से जाती थीं
ऐसी पत्नियों को प्रणाम करो
ओ पत्नियों के पतियों
तुम भी अपने फ़र्ज़ पूरे करो

समीर जी ने ब्लोगिंग पर
दो शब्द कहे
होठों से मानो फूल झडे
ब्लोगिंग का झंडा बुलंद रहे
सार्थक ब्लोगिंग का जज्बा बहे

सर्जना का प्रयास सफल रहा
भोजन भी खूब मस्त रहा
चाय का फिर दौर चला
खूब फिर हो -हल्ला मचा
जाने का किसी का मन नहीं था
फिर भी आना जरूरी था
ऐसे आयोजन सभी कराते रहें
ब्लोगिंग को पहचान दिलाते रहें
ये नारा बुलंद किया
फिर सबने प्रस्थान किया


दोस्तों ,
कल दिल्ली में ४ फरवरी को ब्लोगर मीट हुई थी समीर जी के सम्मान में सर्जना शर्मा और गीता श्री ने आयोजन किया था प्रेस क्लब में ...................वहाँ मैं भी गयी थी और जो देखा जाना आपके आगे प्रस्तुत है .............कुछ नाम रह गए हैं माफ़ी चाहती हूँ ..........शम्भू जी , मंजरी चतुर्वेदी जी आदि भी शामिल थे और जिनका नाम रह गया हो उनसे भी माफ़ी ...........अरे बाबा ..........हास्य है कोई बुरा मत मानना ..........संजू जी और मिसेज खुशदीप सहगल जी खास तौर से आप .........सिर्फ आपकी पहचान बताने का प्रयास किया है कि कितनी महान हैं आप दोनों जो ब्लोगिंग के लिए अपने पतियों को इतना वक्त देती हैं आप दोनों के सहयोग के बिना ऐसा संभव कहाँ था ..............अपनी तरफ से जितना लिख सकती थी काव्य में लिख दिया ...........बाकी और विस्तृत जानकारी आप अजय जी और राजीव जी से लीजियेगा .

49 टिप्‍पणियां:

: केवल राम : ने कहा…

वाह -वाह वंदना जी ...पूरी ब्लॉगर की कहानी वयां कर दी बहुत सलीके से ....पढ़कर आनंद आ गया ...आपका आभार

Learn By Watch ने कहा…

अगले ब्लोगर मीट में मैं भी शामिल होना चाहूंगा

नुक्‍कड़ ने कहा…

कविता में कहानी अच्‍छी जमी है
हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग मानवीय संवेदना की हसीन जमीं है

IRFAN ने कहा…

Shukriya Vandana ji,aapne bahut badhiya aur apne anokhe andaaz mein sara chitra kheench diya.
Aasha ahi aise hi phir se sabse jaldi mulaqaat hogi .

खबरों की दुनियाँ ने कहा…

बुलंद रहे ब्लॉगिंग का झण्डा । कभी भी न हो यह ठण्ढा ॥ चाहे पड़ता रहे पत्नियों का डण्डा । सदैव ऊंचा रहे ब्लॉगर्स का झण्डा ॥

सतीश सक्सेना ने कहा…


वंदना जी की यह रचना खूब मस्त रही, पूरे समय गीताश्री सर्जना शर्मा एवं खुशदीप भाई की व्यस्तता देखते ही बनती थी ! औरों के लिए जो जज्बा इन्होने दिखाया वह अनुकरणीय है ! मेरी तरफ से हार्दिक आभार !

वन्दना ने कहा…

@सतीश जी,
बस छोटा सा प्रयास किया है ताकि सब तक पहुंच सके।

वन्दना ने कहा…

@शुक्रिया इरफ़ान जी………वैसे कल तक हमे आप की तरफ़ से कोई ना कोई कार्टून ब्लोगर मीट पर मिल ही जायेगा।

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

ब्लोगर मीट के बहाने कई ऐसे चेहरों से मुखातिव हुआ जिन्हें केवल रचनाओं और ब्लॉग के माध्यम से ही जानता था , खुशदीप भाई ने इस आयोजन को समीर जी के नाम कर एक अविस्मर्णीय क्षण का साक्षी बना दिया हम सभी को, आपकी रचना ने मेरा मन मोह लिया, पूरा दिन दो व्यक्तियों अविनाश जी और अजय झा जी के साथ गुजारना काफी सुखद रहा, वन्दना जी इस खुबसूरत रचना के लिएबहुत-बहुत बधाई !

Deepak Saini ने कहा…

Kavita me kahani wah wah
shubhkamnaye

शिवम् मिश्रा ने कहा…

बेहद उम्दा तरीके से आपने पूरी मीट का हाल बता दिया और सब से मिलवा भी दिया ... आभार !

रश्मि प्रभा... ने कहा…

jane kab main milungi ... sunker bahut achha laga

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

सचित्र ब्लागर मिलन का पद्य वर्णन. उत्तम...

रचना दीक्षित ने कहा…

यह भी ठीक है

ब्लॉगिंग की कहानी
वंदना की जुबानी.

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता में कहानी !

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

शानदार कवितामय रिपोर्ट। मुझे तो पढ़ते समय आवाज भी आ रही थी, जैसे कोई लय में पढ़ रहा हो।

DR.MANISH KUMAR MISHRA ने कहा…

हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' -दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
प्रिय हिंदी ब्लॉगर बंधुओं ,
आप को सूचित करते हुवे हर्ष हो रहा है क़ि आगामी शैक्षणिक वर्ष २०११-२०१२ के जनवरी माह में २०-२१ जनवरी (शुक्रवार -शनिवार ) को ''हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' इस विषय पर दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है. विश्विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा इस संगोष्ठी को संपोषित किया जा सके इस सन्दर्भ में औपचारिकतायें पूरी की जा रही हैं. के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजन की जिम्मेदारी ली गयी है. महाविद्यालय के प्रबन्धन समिति ने संभावित संगोष्ठी के पूरे खर्च को उठाने की जिम्मेदारी ली है. यदि किसी कारणवश कतिपय संस्थानों से आर्थिक मदद नहीं मिल पाई तो भी यह आयोजन महाविद्यालय अपने खर्च पर करेगा.

संगोष्ठी की तारीख भी निश्चित हो गई है (२०-२१ जनवरी २०१२ ) संगोष्ठी में अभी पूरे साल भर का समय है ,लेकिन आप लोगों को अभी से सूचित करने के पीछे मेरा उद्देश्य यह है क़ि मैं संगोष्ठी के लिए आप लोगों से कुछ आलेख मंगा सकूं.
दरअसल संगोष्ठी के दिन उदघाटन समारोह में हिंदी ब्लागगिंग पर एक पुस्तक के लोकार्पण क़ी योजना भी है. आप लोगों द्वारा भेजे गए आलेखों को ही पुस्तकाकार रूप में प्रकाशित किया जायेगा . आप सभी से अनुरोध है क़ि आप अपने आलेख जल्द से जल्द भेजने क़ी कृपा करें .
आप सभी के सहयोग क़ी आवश्यकता है . अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें


डॉ. मनीष कुमार मिश्रा
के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय
गांधारी विलेज , पडघा रोड
कल्याण -पश्चिम
pin.421301
महाराष्ट्र
mo-09324790726
manishmuntazir@gmail.com
http://www.onlinehindijournal.blogspot.com/ http://kmagrawalcollege.org/

DR.MANISH KUMAR MISHRA ने कहा…

हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' -दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
प्रिय हिंदी ब्लॉगर बंधुओं ,
आप को सूचित करते हुवे हर्ष हो रहा है क़ि आगामी शैक्षणिक वर्ष २०११-२०१२ के जनवरी माह में २०-२१ जनवरी (शुक्रवार -शनिवार ) को ''हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' इस विषय पर दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है. विश्विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा इस संगोष्ठी को संपोषित किया जा सके इस सन्दर्भ में औपचारिकतायें पूरी की जा रही हैं. के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजन की जिम्मेदारी ली गयी है. महाविद्यालय के प्रबन्धन समिति ने संभावित संगोष्ठी के पूरे खर्च को उठाने की जिम्मेदारी ली है. यदि किसी कारणवश कतिपय संस्थानों से आर्थिक मदद नहीं मिल पाई तो भी यह आयोजन महाविद्यालय अपने खर्च पर करेगा.

संगोष्ठी की तारीख भी निश्चित हो गई है (२०-२१ जनवरी २०१२ ) संगोष्ठी में अभी पूरे साल भर का समय है ,लेकिन आप लोगों को अभी से सूचित करने के पीछे मेरा उद्देश्य यह है क़ि मैं संगोष्ठी के लिए आप लोगों से कुछ आलेख मंगा सकूं.
दरअसल संगोष्ठी के दिन उदघाटन समारोह में हिंदी ब्लागगिंग पर एक पुस्तक के लोकार्पण क़ी योजना भी है. आप लोगों द्वारा भेजे गए आलेखों को ही पुस्तकाकार रूप में प्रकाशित किया जायेगा . आप सभी से अनुरोध है क़ि आप अपने आलेख जल्द से जल्द भेजने क़ी कृपा करें .
आप सभी के सहयोग क़ी आवश्यकता है . अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें


डॉ. मनीष कुमार मिश्रा
के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय
गांधारी विलेज , पडघा रोड
कल्याण -पश्चिम
pin.421301
महाराष्ट्र
mo-09324790726
manishmuntazir@gmail.com
http://www.onlinehindijournal.blogspot.com/ http://kmagrawalcollege.org/

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

shandar report

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बना रहे ऐसा माहौल,
ब्लॉगर मिलकर करें धमाल।

Shambunath ने कहा…

रिपोर्टिंग इस अंदाज में भी हो सकती है...
पता नहीं था...नई विधा है...इसे आगे बढ़ाइये...

पूरी रिपोर्ट पढ़कर आनंद आ गया...

shikha varshney ने कहा…

वाह वाह वाह ...

-सर्जना शर्मा- ने कहा…

वाह वंदना जी वाह एक मुलाकात का ऐसा सुंदर वर्णन । फिर जल्द मिलेंगें
कविता के लिए आभार

Dorothy ने कहा…

ब्लोगर मीट का काव्यात्मक चित्रण बहुत अच्छा लगा. आभार.
सादर,
डोरोथी.

Dr Varsha Singh ने कहा…

दिलचस्प तरीके से आपने पूरी ब्लॉगर मीट का हाल बताया ......आपका आभार.

राजेश उत्‍साही ने कहा…

बाकी सब तो ठीक लगा। पर चार महिलाओं में से एक को भी कुर्सी नहीं मिली। अगली ब्‍लागर मीट में इस बात का ध्‍यान रखा जाए तो बेहतर होगा। बराबरी हर जगह होनी चाहिए। महिलाओं को भी अपना स्‍थान तय करना होगा।

OM KASHYAP ने कहा…

ब्लॉगर की कहानी वयां कर दी
ॐ कश्यप में ब्लॉग में नया हूँ
कर्प्या आप मेरा मार्ग दर्शन करे
धन्यवाद
http://unluckyblackstar.blogspot.com

rashmi ravija ने कहा…

अरे वाह...ये कवितामयी रिपोर्ट तो बहुत बढ़िया रही....खूब हो रहे हैं ब्लोगर मिलन...और होते रहें...शुभकामनाएं

पद्म सिंह ने कहा…

बहुत खूब क्या सुनाई ब्लॉग मिलन की बात
मिलने जुलने से मिले खुशियों की सौगात
खुशियों की सौगात मिले जब ब्लॉगर कोई
सुन विचार सुंदर सुंदर मन गदगद होई

राजीव तनेजा ने कहा…

बढ़िया...कवितामयी रिपोर्ट...
उन्हीं क्षणों को आपने फिर से जीवंत कर दिया

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर लगा सारा विवरण धन्यवाद

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ने कहा…

इस काव्यमयी रपट और उसमें गद्या सम्मिश्रण बहुत बढ़िया रहा!
हैप्पी ब्लॉगिंग!

संजय भास्कर ने कहा…

वाह वंदना जी
बेहद उम्दा तरीके से आपने पूरी मीट का हाल बता दिया और सब से मिलवा भी दिया
.............आपका आभार

संजय भास्कर ने कहा…

कुछ दिनों से बाहर होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका
माफ़ी चाहता हूँ

अजय कुमार झा ने कहा…

अच्छा जी कहानी कह के कविता सुनवा दी । हा हा हा आपकी कहानी भी सुंदर संगीत की तरह लगी हमें । आने दीजीए हमारी बारी हम भी कविता कह के कहानी पढवाएंगे आपको ...भईया जी इश्माईल

Tarkeshwar Giri ने कहा…

badhai ho aap sabko

खुशदीप सहगल ने कहा…

वंदना जी की चर्चा के चर्चे हैं हर ज़ुबान पर,
उनके मधुर स्वभाव की भी बैठक से सब को ख़बर हो गई...

ये कोई ब्लॉगर मीट नहीं थी, बस समीर जी के प्रस्थान वाले दिन दिल्ली में जितने ब्लॉगर संभव हो सकते थे, उनसे मिलवाने का प्रयास भर था...सीमित जगह और व्यवस्था की वजह से सभी ब्लॉगरजन को निमंत्रण देना संभव नहीं
हो सका...कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सर्जना शर्मा और गीताश्री को साधुवाद...

जय हिंद...

Kajal Kumar ने कहा…

हम्म...
लगता है अब छुप-छुप ब्लागर-मीट करने के दिन आ गए हैं :)

mahendra verma ने कहा…

समय समय पर इस तरह का आयोजन होते रहना चाहिए।

सम्मेलन का काव्यात्मक विवरण अच्छा लगा।

चैन सिंह शेखावत ने कहा…

वाह...
क्या रिपोर्टिंग है...
ब्लॉगिंग की दुनियाँ भी क्या दुनियाँ है...

दीपक 'मशाल' ने कहा…

हाय महादुःख पाए सखा.. हम आये उते ना किते दिन खोये...

एस.एम.मासूम ने कहा…

अति सुंदर . यह अंदाज़ ए बयान पसंद आया

डॉ टी एस दराल ने कहा…

ब्लोगर मीट की कवितामयी सुन्दर प्रस्तुति ।

shikha varshney ने कहा…

गज़ब का चित्र खींचा है..

hamaranukkad ने कहा…

वंदना जी, आपके इस व्यापक संसार से जुड़ कर बहुत अच्छा लग रहा है। आपलोग वहां आएं, वक्त निकाल कर,ये बड़ी बड़ी बात रही.मैं ज्यादा वक्त आपलोगो के साथ नहीं बिता पाई, इसका अफसोस रहेगा। आपकी काव्यात्मक रिपोर्ट पढकर सारा हाल जान गई। जल्दी ही एक आयोजन और करने वाले हैं.चस्का सा लग गया है।

"पलाश" ने कहा…

वन्दना जी आपने तो ब्लागिंग का लाइव टेलीकास्ट कर दिया । अगली ब्लागिग मीट के बारे मे हमें भी बताइयेगा ।

निर्मला कपिला ने कहा…

वाह वाह ये हुयी न बात। सब को बहुत बहुत बधाई।

kshama ने कहा…

Oh!Maza aa gaya padhke!

Rakesh Kumar ने कहा…

कितना अनाड़ी हूँ मैं.
मैंने आपकी इस पोस्ट का अपनी पहली
पोस्ट 'ब्लॉग जगत में मेरा पदार्पण' में
जिक्र किया और इस पोस्ट पर आकर कुछ भी नहीं कहा.

दरअसल लिंक मेरी बिटिया ने दिया था,और मुझे
लिंक पर जाना भी नहीं आता था.आज जब खुद
समीर लाल जी को याद कर अपनी पोस्ट पढ़ी
और लिंक पर क्लिक किया तो यहाँ चला आया.

आप सब से प्रथम मिलन सदा अविस्मरणीय रहेगा.