पास होकर
क्यूँ दूर
चले जाते हो
दिल को मेरे
क्यूँ इतना
तड़पाते हो
तेरी बेरुखी
लेती है
जान मेरी
मत कर ऐसा
कहीं ऐसा न हो
तेरी बेरुखी पर
अगली साँस आए
या न आए
और तेरी दिल
तोड़ने की अदा
कहीं तेरी
सज़ा न बन जाए
फिर लाख
सदाएं भेजो
मुझे न
जहाँ में पाओगे
मेरी याद में
फिर तुम भी
इक दिन
तड़प जाओगे
मेरे रूठने पर
मुझे ना मना पाओगे
और इक दिन
इसी दर्द के
आगोश में
सिमट जाओगे
फिर मेरे दर्द के
अहसास को
समझ पाओगे
दिल तोड़ने की
सज़ा जान पाओगे
हर पल तड़पोगे
मगर मुझे न
पास पाओगे
तब तुम बेरुखी
का दर्द जान पाओगे
मोहे अगला जनम ना दीजो-2
12 घंटे पहले



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