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शनिवार, 17 दिसंबर 2011

तेरे बिना जिया लागे ना




सुनो 
देखो ना
इक युग बीता
मगर देखो तो
मेरी आस का टोकरा
कभी रीता ही नही
सबने मुझे बावरी बना दिया
तेरे विरह में ये नाम दे दिया
मगर तुम बिन मेरा ना
कोई पल रहा अछूता
फिर भला कैसे कहूं 
तेरे बिना जिया लागे ना
तुम तो सदा
मेरी आँख की ओट में

करवट लेते रहे
कभी नींद में तो कभी ख्वाब में
मिलते जुलते रहे
सुना है
दुनिया कहती है
तुम यहाँ कहीं नहीं हो अब
अब नहीं आओगे वापस
जाने वाले फिर नहीं आते
मगर ये तो बताओ
तुम गए कहाँ से हो
क्या मेरी यादों से
क्या मेरे नयनों से
क्या मेरे दिल से
हर पल तो तुम्हें
निहारा करती हूँ
हर पल तुम्हारा वजूद
मेरे ख्वाबों से
अठखेलियाँ करता है
कभी रूठा करते हो
कभी मनाया करते हो
कभी मेरी माँग
अपनी प्रीत से सजाया करते हो
कभी चाँदनी रात में
मेरी वेणी में फूल लगाया करते हो
कभी किसी झील के किनारे
ठहरे हुए पानी में
चाँद की सैर पर ले जाया करते हो
कभी तारावली के फूलों से
धरती सजाया करते हो
और मुझे वहाँ किसी
ख्वाब सा सजाया करते हो
तो बताओ ना
कौन है दीवाना
ये दुनिया या मैं
बताओ तो
जब हर पल
हर सांस में
हर धड़कन में
मेरी रूह में
तुम ही तुम समाये हो
फिर कैसे कह दूं
तेरे बिना जिया लागे ना

38 टिप्‍पणियां:

PRIYANKA RATHORE ने कहा…

bahut khoob....

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत बढि़या।

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

TUM" kitna chhota sa shabd hai, par pyar se kaho to isme bahut saara pyar dikhne lagta hai..........:) Hai na Vandana Gupta:).... ek baar fir se ek payri si rachna...बताओ तो
जब हर पल
हर सांस में
हर धड़कन में
मेरी रूह में
तुम ही तुम समाये हो.........:) sach me bemishal ho aap:D

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

TUM" kitna chhota sa shabd hai, par pyar se kaho to isme bahut saara pyar dikhne lagta hai..........:) Hai na Vandana Gupta:).... ek baar fir se ek payri si rachna...बताओ तो
जब हर पल
हर सांस में
हर धड़कन में
मेरी रूह में
तुम ही तुम समाये हो.........:) sach me bemishal ho aap:D

dheerendra ने कहा…

बहुत सुंदर प्रस्तुति ......बधाई

मेरी नई पोस्ट में आपका स्वागत है|

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

लगता है कोई तो होगा,
जो मुझको परिपूर्ण करेगा।

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

सुन्दर रचना...
सादर...

Amrita Tanmay ने कहा…

ह्रदय को अलग तरह से स्पंदित कर रहा है , बहुत बढ़िया..

kshama ने कहा…

Kasak bharee sundar rachana!

mridula pradhan ने कहा…

behad roomani.....bhawpoorn....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर भावप्रणव रचना!

दर्शन कौर ने कहा…

बताओ तो
जब हर पल
हर सांस में
हर धड़कन में
मेरी रूह में
तुम ही तुम समाये हो.....waah !!!!!!!!

रश्मि प्रभा... ने कहा…

बताओ तो
जब हर पल
हर सांस में
हर धड़कन में
मेरी रूह में
तुम ही तुम समाये हो
फिर कैसे कह दूं
तेरे बिना जिया लागे ना... kahen na kahen , jiya to nahi hi lagega n

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

भावों का प्रवाहमयी झोंका ...सुन्दर प्रस्तुति

dheerendra ने कहा…

बहुत खूब!!!!!सुंदर रचना,...
मेरी नई पोस्ट के लिए -काव्यान्जलि- मे click करे

sushma 'आहुति' ने कहा…

खुबसूरत अल्फाजों में पिरोये जज़्बात....

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

meethi yaden aur khwaab hamesha hi bahut sunder hote hain...sab acchha hi acchha dikhayi deta hai...lekin jab yatharth k katu satyon se takrate hain to choor choor hote b dair nahi lagti. insan kabhi kabhi yadon aur beete lamhon me aisa doob jata hai ki varmaan ki kadvi sacchayon ko na to jhelne ka maada rakh pata hai na jhelna chaahta hai....aur parinaam swaroop uska vartmaan dukh se bhar jata hai.

ye sab baat tasveer ka ek rookh hai aur doosra rookh aapki rachna jo bahut maheen komal bhaawnaaon se bandhi hui hai. sunder prastuti.

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत खूब! भावों का बहुत सुंदर चित्रण..आभार

मनोज कुमार ने कहा…

कुछ जुदाई जीने के लिए कुछ नए आयाम दे जाती हैं।
इस तरह की रचना का आध्यात्मिक महत्व भी है।

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

har taraf jab wo hi ho, fir kaise koi kahe jiya laage na...sundar bhaavpurn rachna.

पत्रकार-अख्तर खान "अकेला" ने कहा…

bhtrin rchna ke liyen badhhaai .. akhtar khan akela kota rajsthan

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

मन की बात लिए सुंदर शब्द .....

संध्या शर्मा ने कहा…

तो बताओ ना
कौन है दीवाना
ये दुनिया या मैं
बताओ तो
जब हर पल
हर सांस में
हर धड़कन में
मेरी रूह में
तुम ही तुम समाये हो...

अद्भुत, बेमिसाल.. वाह वंदनाजी निःशब्द हूँ क्या कहूँ...आभार आपका...

adarsh mishra ने कहा…

realy nice yar.....

adarsh mishra ने कहा…

realy nice yar.....

adarsh mishra ने कहा…

nice... kya khub

रचना दीक्षित ने कहा…

जब हर पल
हर सांस में
हर धड़कन में
मेरी रूह में
तुम ही तुम समाये हो
फिर कैसे कह दूं
तेरे बिना जिया लागे ना.

बहुत सुंदर रचना सीधे दिल से निकली अनुभूतियाँ. बधाई.

mahendra verma ने कहा…

हवा का शीतल झोंका जैसी सुंदर कविता।

Rajput ने कहा…

तुम तो मेरी
आंख की ओट
में करवट लेते रहे ....
खुबसूरत रचना

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत खूब ... वैसे भी पिया बिन जी नहीं लगता .. फिर धडकनों में जो समाया हो उसे कैसे कोई भूले ...

Onkar ने कहा…

Sach, jo yadon mein ho, wah door kaise ho sakta hai

vandana ने कहा…

यादों में जो समाया हो वो दूर नहीं हो सकता ....बढ़िया प्रस्तुति

सुमन'मीत' ने कहा…

तेरे बिना मेरा कहीं जिया लागे न ....

कुमार राधारमण ने कहा…

ऐसा बिरले ही होता है कि विशुद्ध प्रेम की अभिव्यक्ति मात्र के लिए कविता लिखी गई हो।

Kunwar Kusumesh ने कहा…

अंतिम पंक्तियों में सटीक प्रश्न छोड़ती हुई ज़बरदस्त प्रेमपरक रचना.

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

आपने तो बहुत प्यारा लिखा ..बधाई. 'पाखी की दुनिया' में भी आपका स्वागत है.

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल आज 22 -12 - 2011 को यहाँ भी है

...नयी पुरानी हलचल में आज... क्या समझे ? नहीं समझे ? बुद्धू कहीं के ...!!

Reena Maurya ने कहा…

bahut sundar rachana hai....