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मंगलवार, 11 सितंबर 2018
अदृश्य हमसफ़र मेरी नज़र में
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आज एक हफ्ते बाद यहाँ वापसी हुई है. मम्मी एडमिट थीं उन्हें खून की उल्टियाँ हो गयी थीं लेकिन ईश्वर की कृपा से बहुत बड़ी बीमारी नहीं...
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रविवार, 19 अगस्त 2018
“सृष्टि-जनक” मेरी नजर में
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सूरजमल रस्तोगी “शांत” जी किसी परिचय के मोहताज नहीं लेकिन मैं उनके बारे में नहीं जानती थी. पिछले दिनों उनके उपन्यास “सृष्टि-जनक” प...
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शुक्रवार, 10 अगस्त 2018
तुलसी शालिग्राम संयोग .....एक प्रश्नचिन्ह
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1 जार जार है अस्मिता मेरी आज भी व्यथित हूँ , उद्वेलित हूँ , मर्मान्तक आहत हूँ करती हूँ जब भी आकलन पाती हूँ खुद को ठगा हुआ...
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बुधवार, 25 जुलाई 2018
हम अवसाद में हैं
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सुनो मत कुरेदो हमें हम अवसाद में हैं मत पूछना कैसा अवसाद नकारात्मकता के ढोल जब बेतहाशा बज रहे हों कान के परदे...
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