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शनिवार, 7 मार्च 2020
ठहरना एक खामोश क्रिया है
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मुझे न कहीं जाना है न आना है मुझे तो यहीं कहीं ठहरना है जैसे ठहरती है धूप आँगन में जैसे ठहरती है उम्मीद मन में जैसे ठहरती है आशा जीवन में न...
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तानाशाह ! गश्त पर हैं
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खिड़की और दरवाज़े बंद रखने का दौर है ये तानाशाह ! गश्त पर हैं हवाओं पर लगे हैं पहरे नहीं है इजाज़त दुपट्टा उड़ाने की बंद इमारतें ...
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सोमवार, 2 मार्च 2020
अधूरे सपनों की कसक
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कल १ मार्च को रेखा श्रीवास्तव जी के संपादन में "ब्लॉगर्स के अधूरे सपनों की कसक" पुस्तक का मुखर्जी नगर में लोकार्पण हुआ। वहीं ब्...
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